अब वक़्त आ पहुंचा है वहां, जहाँ
इसे बहुत वक़्त पहले पहुँच जाना चाहिए था
वक़्त की मीठी बातों में उलझे रहे हम
हमें इसका इंतज़ार नहीं करना चाहिए था
अगर कुछ करना था तो उठते
और उठ कर, कर देते
किसीकी हामी या आँख के इशारे को नहीं देखना चाहिए था
चलो अब तो जो हुआ सो हुआ,
कर चुके जो भी करना,
या ना करना चाहिए था
बड़े खुश थे हम हज़ारों दिन जेब में लिए
जोश में खर्च कर दिए आधे,
जो क़तई नहीं करना चाहिए था
कोई तो बताये कि हमने क्या सही, क्या ग़लत किया
क्या हम वो सब ही करते रहे जो हमें ना करना चाहिए था?
किस तरफ चलते
किस बात की कोशिश करते 'दोस्त'
मंज़िल ख़ुद वहां डेरा डाले बैठी थी
जहाँ पहले हमें होना चाहिए था
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