ठीक है, ठीक है, माना ।
क्या माना ?
यही, कि जनाब ने मुझे बुलाया नहीं था ।
तो फिर ये टटपुँजिया सा वाहन लेकर यहाँ क्यों तशरीफ़ लाये हैं?
क्या कहा टटपुँजिया? मेरे इस दोपहिया रथ के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया !
हे भगवान, अब इस साइकिल के लिए भी मुझे भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना पड़ेगा?
बिलकुल, ये मेरी साइकिल जो है ।
पिछली बार तुम कब गिरे थे इससे
गिरे? तौबा कीजिये। ये गिरने वाला वाहन नहीं है।
ख़ैर जनाब शायद आप शायद ये भूल गये मैंने आपको कतई पुकारा नहीं था।
हो सकता है; मैं भी तो बाज़ार जा रहा था पर पता नहीं क्यों हैंडल ख़ुदबख़ुद इस रास्ते की तरफ मुड़ गया। आप इस मनचले हैंडल को जानती नहीं ?
वल्लाह ये आप ही की साइकिल है या किसी दिल फ़ेंक देव आनंद की?
क्यों नहीं, हो भी सकती है। हम्म, वैसे ... पहली बार तुम्हारी बात में कुछ दम नज़र आ रहा है। अच्छा एक बात कहूं ?
ठीक है जल्दी बोलो मुझे बहुत काम है ।
अ... आज तुम बिलकुल नूतन जैसी दिख रही हो।

जी, वैसे कब शुरू हुई और कब ख़त्म, पता ही नहीं चला। अलबत्ता, एक 'नूतन' प्रयास है जो प्रशंसनीय है।
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत धन्यवाद। क्षमा चाहता हूँ कि मैं आपका उत्तर जल्दी नहीं दे सका। एक अच्छी टिप्पणी लेखक के लिए संजीवनी का काम करती है। फिर से धन्यवाद, और आप कुशल रहें।
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