कि अगर किसी वजह से
आंसू बहने लग जाएँ
और आँखें साफ़ हो जाएँ
नज़र भी ठीक हो जाये
दिखने लग जाये कि
दुनिया कैसी है
साफ़ सुथरी या मैली कुचैली
लोग कैसे हैं
कैसे चलते फिरते हैं
वो उचित व्यवहार कर रहे हैं,
या अनुचित, अथवा कदाचित निकृष्ट
संसार में हिंसा कितनी है
किसी जगह पर किसी समय पर
प्रेम या अहिंसा भी नज़र आती है या नहीं
चलो इन सब पर तो मेरा नियंत्रण है नहीं
फिर भी और कुछ नहीं तो
दुनिया से मिले ग़मों के
तोहफ़े से मिले
आंसुओं ने
मेरी आँखें तो साफ़ कर दीं
मेरी आँखें तो साफ़ कर दीं
