किस्से, कहानियां और कवितायेँ
उम्मीद वो कौन है
क्या है
वो मेरे लिए क्या है
वो जो भी है
जहाँ भी है
अब... ये सब पता नहीं
वो ठीक है
बिल्कुल ठीक है या...
ख़ैर
दिल कहता है
कि मेरे से बेहतर हो
ठीक है, ठीक है, माना । क्या माना ? यही, कि जनाब ने मुझे बुलाया नहीं था । तो फिर ये टटपुँजिया सा वाहन लेकर यहाँ क्यों तशरीफ़ लाये हैं? क्या...