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सोमवार, 2 मार्च 2026

डर नूतन से

ठीक है, ठीक है, माना 

क्या माना ?

यही, कि जनाब ने मुझे बुलाया नहीं था 

तो फिर ये टटपुँजिया सा वाहन लेकर यहाँ क्यों तशरीफ़ लाये हैं?

क्या कहा टटपुँजिया? मेरे इस दोपहिया रथ के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया !

हे भगवान, अब इस साइकिल के लिए भी मुझे भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना पड़ेगा?

बिलकुल, ये मेरी साइकिल जो है 

पिछली बार तुम कब गिरे थे इससे 

गिरे? तौबा कीजिये। ये गिरने वाला वाहन नहीं है। 

ख़ैर जनाब शायद आप शायद ये भूल गये मैंने आपको कतई पुकारा नहीं था

हो सकता है;  मैं भी तो बाज़ार जा रहा था पर पता नहीं क्यों हैंडल ख़ुदबख़ुद इस रास्ते की तरफ मुड़ गया। आप इस मनचले हैंडल को जानती नहीं ?

वल्लाह ये आप ही की साइकिल है या किसी दिल फ़ेंक देव आनंद की?

क्यों नहीं, हो भी सकती है। हम्म, वैसे ... पहली बार तुम्हारी बात में कुछ दम नज़र आ रहा है। अच्छा एक बात कहूं ?

ठीक है जल्दी बोलो मुझे बहुत काम है 

अ... आज तुम बिलकुल नूतन जैसी दिख रही हो।

अरे! अब ये नूतन कौन है, ये कहाँ से आ गयी?

हैं ! नूतन? हाँ वाक़ेई तुम सही हो।  ये नाम कहाँ से टपक पड़ा?

वल्लाह जवाब, तुमने ही नाम लिया तुम्हें ही नूतन का पता नहीं ?

... ठीक है चलो कुछ दूर साथ चलते हैं 




डर नूतन से

ठीक है, ठीक है, माना  । क्या  माना ? यही, कि जनाब ने मुझे बुलाया नहीं था  । तो फिर ये टटपुँजिया सा वाहन लेकर यहाँ क्यों तशरीफ़ लाये हैं? क्या...