मुस्कराहट
तुम्हारे चेहरे की मुस्कराहट
देख पाना मुश्किल था
मुस्कराहट ही नहीं बल्कि उसका अंश भी
वो है या नहीं
शायद है और शायद नहीं
क्या वो इतनी कमज़ोर है
कि दिखाई नहीं देती
या इतनी मुश्किल है कि समझ नहीं आती
शायद बेहद ध्यान से देखना पड़े
नहीं तुम्हारे चेहरे को नहीं
मुस्कराहट को
मुस्कराहट को ढूंढने के लिए
मुझे पता है कि वो है यहीं
शायद उस मुस्कान ने भी मुंह मोड़ लिया है मुझसे
तुम्हारी तरह
मन तो चाहता था कि वो मुस्कान
दे देती मुझे भी
मुस्काने के बहाने
एक बीमारी की तरह
वो मुझे भी बीमार कर जाती
मुझे मुस्कराता हुआ छोड़ जाती
वो शायद मेरे साथ लुका छिपी खेल रही है
जैसे तुम खेलती थी
पर ये मेरे साथ क्यों खेल रही है
इसे तो तुम्हारे चेहरा पर खेलना चाहिए