सपनों की दुनिया में है उसका जहां, और मैं हूँ यहां
खबर नहीं वो है कहां, कितनी दूर है मुझसे, मैं हूँ जहां
उसके दोस्तों की महफ़िल, वो खुश गवार लम्हे
मुझे मिला साथ इस तन्हाई का, मैं हूँ जहां
वो खिलखिलाती शोख़ नज़रें और हंसी के झरने
मुरझाए सपनों का गुलिस्तां है यहाँ, मैं हूँ जहां
दोस्तों का साथ, वो बाहों के हार, और दिल की बातें
ढूंढता हूँ खुशियाँ अपने आगोश में, मैं हूँ जहां
काश मेरे क़दम पहुँच पाते ज़ुल्फ़ के उस मोड़ तक
पर कहाँ वो ज़ुल्फ़, वो हसीन मोड़ और मैं हूँ कहां
काश कोई मोड जोड़ देता हमारी ज़िन्दगी को 'दोस्त'
पर नहीं थी किस्मत में तेरी रहगुज़र, मैं हूँ जहां