तुम जो आ जाते एक बार
न दिल होता इतना बेक़रार
न उठती निगाहें दरवाज़े पे बार-बार
जो तुम आ जाते एक बार
तुम जो सुन लेते मेरी पुकार
कम से कम एक बार
ज़िन्दगी में आ सकती थी बहार
जो तुम आ जाते एक बार
मुझे तड़पाया है तुमने कितनी बार
पर 'दोस्त' इस बार पहली बार
तुम कर गए बहारों को भी बेकरार
काश जो तुम आ जाते एक बार

