आओ कल्पना की उड़ान भरें
अपने कदम चांद पर धरें
अपने कदम चांद पर धरें
चलो परखें चांद की ज़मीन को
आधे अँधेरे आधी रोशनी को
अपना भार चांद पर जांचें
हिरन के जैसे भरें कुलांचें
हिरन के जैसे भरें कुलांचें
पहाड़ और पाताल में भागें
कोई पीछे तो कोई आगे
कोई पीछे तो कोई आगे