कुछ तो गिला है उनके चले जाने का
कुछ ये ग़म कि ये लोग मरते ही नहीं
ज़िन्दगी अगर उदास है उनके बग़ैर
तो इनकी वजह से मौत भी है शर्मसार,
वो तो फैला देते थे बहारें मोहब्बत की
इनसे सुलग जातीं हैं चिंगारियां नफरत की
कितना फर्क़ है 'दोस्त' इस दुनिया के इंसानों में
वो अगर भगवान् थे, तो ये शामिल हैं हैवानों में
कुछ ये ग़म कि ये लोग मरते ही नहीं
ज़िन्दगी अगर उदास है उनके बग़ैर
तो इनकी वजह से मौत भी है शर्मसार,
वो तो फैला देते थे बहारें मोहब्बत की
इनसे सुलग जातीं हैं चिंगारियां नफरत की
कितना फर्क़ है 'दोस्त' इस दुनिया के इंसानों में
वो अगर भगवान् थे, तो ये शामिल हैं हैवानों में