ऐसी ऐसी, ऐसी ऐसी
कि पूछो मत कैसी कैसी
बेहद अजीब हों जैसी
बिल्कुल नामुमकिन हों, वैसी
कभी कभी तो मुझे लगता है
मैं कहां से ढूँढूँ ख़्वाहिश ऐसी
मैंने कहाँ से सीखा
मैंने कहाँ से सीखा
ऐसी मांगो दूसरी ढूंढो
ये रहने दो, ये कुछ खास नहीं
अरे ये तो आसान है
इसकी कोई क़ीमत नहीं
आसान ख़्वाहिश की ख़्वाहिश भी, ख़्वाहिश कैसी
अरे ये तो आसान है
इसकी कोई क़ीमत नहीं
आसान ख़्वाहिश की ख़्वाहिश भी, ख़्वाहिश कैसी
तो मैंने सोचा कि
सोचा जाये
किसी ऐसी मुश्किल ख़्वाहिश के बारे में
ऐसी मुश्किल ऐसी मुश्किल, जिसे किसी ने
कभी न सुलझाया हो, वैसी
ऐसी मुश्किल जिसका ख़्याल ही किसी को न आया हो
काम मुश्किल था
इसीलिए मैंने सोचने का सिलसिला शुरू कर दिया
ऐसी हर एक चीज़, जो हो एक ग़ज़ब की मुश्किल
जो हो इतनी मुश्क़िल, इतनी मुश्क़िल
कि उसकी ख़्वाहिश से ही दम घुट जाये
बरसों की मेहनत के बाद आख़िर
मुझे मिल ही गया वो ख़्याल
ऐसी हर एक चीज़, जो हो एक ग़ज़ब की मुश्किल
जो हो इतनी मुश्क़िल, इतनी मुश्क़िल
कि उसकी ख़्वाहिश से ही दम घुट जाये
बरसों की मेहनत के बाद आख़िर
मुझे मिल ही गया वो ख़्याल
कि ऐसी चीज़ की ख़्वाहिश करो
जो दिखाई दे
पर मिल न सके
सामने हो पर
उसे छुआ ना जा सके
पर मिल न सके
सामने हो पर
उसे छुआ ना जा सके
कहानी कुछ चाँद सितारों जैसी
ये दिखाई देते हैं, बस
बस इतना ही
ये दिखाई देते हैं, बस
बस इतना ही
उसके आगे कुछ नहीं
देखिए और खुश रहिये
देखिए और खुश रहिये
चलिए 'दोस्त' मुश्किल थोड़ी आसान कर देते हैं
हज़ारों लफ्ज़ मिटा देते हैं
जी मेरा मतलब है ये लफ्ज़ 'हज़ारों' हटा देते हैं
ग़ालिब बड़े शायर थे मैं उनका
एक हज़ारवां हिस्सा भी नहीं हूँ
"एक ख़्वाहिश ऐसी कि उस एक से ही दम निकले"
जी मेरा मतलब है ये लफ्ज़ 'हज़ारों' हटा देते हैं
ग़ालिब बड़े शायर थे मैं उनका
एक हज़ारवां हिस्सा भी नहीं हूँ
"एक ख़्वाहिश ऐसी कि उस एक से ही दम निकले"

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