मुट्ठी बांधी कस के, ऊपर को हाथ बढ़ाया
उठा शरीर हवा में, लो सुपरमैन आया
उठा शरीर हवा में, लो सुपरमैन आया
उतरा सौवीं मंज़िल पर आग बुझाने
घबराए सहमे लोगों की जान बचाने
गिरते बच्चे को पकडा, उड़ कर दिया सहारा
प्यार से उसे, अचंभित माँ के पास उतारा
प्यार से उसे, अचंभित माँ के पास उतारा
कोयला बन गया हीरा, उसकी हथेली में दब कर
टूटते बाँध को बचा लिया, समय पलट कर
टूटते बाँध को बचा लिया, समय पलट कर
