चलते चलते
एकाएक उसे लगा कि
उसकी दायीं हथेली पर
एक हल्कापन सा आ गया
कुछ तो था जो कम हो गया
एक दबाव जो ग़ायब हो गया
उसने ध्यान नहीं दिया
छोटी सी बात है, होगा कुछ
पर उसका हाथ अब अधिक स्वच्छंद था
वो आसानी से आगे पीछे हिल रहा था
ये बात निश्चित रूप से ध्यान देने लायक थी
हथेली में एक गर्मी सी रहा करती थी
वो कम हो रही है
अब वहां हवा लग रही थी
और फिर ठंडक का एहसास होने लगा
कदाचित दो हथेलियों के बीच
पसीने की एक पर्त बन गयी होगी
उसे याद आया
यदि द्रव का वाष्पीकरण हो तो
तापमान कम होने लगता है
इस कारण ठंडक पैदा हो रही थी
माना कि हाथ छूट गया
माना कि साथ छूट गया
पर अब साथ है स्वच्छंदता
और ठंडक की अनुभूति
