किस्से, कहानियां और कवितायेँ
ठीक है, ठीक है, माना । क्या माना ? यही, कि जनाब ने मुझे बुलाया नहीं था । तो फिर ये टटपुँजिया सा वाहन लेकर यहाँ क्यों तशरीफ़ लाये हैं? क्या...